चोंच लड़ाईं

A perception, When I look at my self and our country men .

Aगस्त की 15

जाने वो कैसा जुनूँ था और थे कैसे वो लोग, मुद्दतों डँटे रहे बिना चखे आज़ादी का भोग, ख़ुद्दारी ने सपने दिखाये आज़ाद ख़यालातों के, चाहत थी बस वतन परस्ती उनके सवालतों के, अब वक़्त भी हमारा है और आज़ाद है हर आवाज़, जो हालात हैं अब क्या ये है आज़ादी का आग़ाज़, कुछ कोशिशेंContinue reading “Aगस्त की 15”

Life like संगीत

बचपन ही से सुरों ने, कुछ एैसा संगीत है रचा, मासूमियत को ताक पे रक्खा, लड़कपन तक वो भी ना बचा, हरकतें नायब थी उन धुनों की, जवानी उस्ताद थी उन गुरों की, मूर्कियों ने अंजाने सुरों को मिलाया, हमने भी बदनामी से नाम कमाया, अब कड़ीयाँ कुछ इस क़दर जुड़ि हैं, मानो सारी राहेंContinue reading “Life like संगीत”

हम बच्चे हैं

जब तक हम बच्चे हैं, कहीं कहीं तो सच्चे हैं, चाहे अनुभव में कच्चे हैं, पर भावना में सच्चे हैं, और बहुतों से अच्छे हैं, लोगों को लगते फच्चे हैं!

आज का सच

कहते रहे इस वजूद से हम, ज़िंदगी भर कई क़िस्से, कुछ तो लगते पूरे सच से, और कुछ में कई हिस्से, अपना ही सच क्यूँ छिपा रहे, झूठी कहानियाँ क्यूँ बना रहे, किस बात की दिलाशा दिला रहे, इक दिन सच तो कहना है, फिर आज क्यूँ चुप रहना है। #hindi #poem #truth

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